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पर्थला चौक का जाम होगा खत्म? 80 करोड़ के 6-लेन अंडरपास से नोएडा की रफ्तार बदलने की तैयारी

नोएडा के पर्थला चौक पर 80 करोड़ रुपये की लागत से 6 लेन अंडरपास बनेगा। 710 मीटर लंबी परियोजना से जाम घटेगा और एफएनजी कॉरिडोर की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

Noida Underpass: नोएडा में ट्रैफिक जाम से जूझने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। शहर के प्रमुख ट्रैफिक जंक्शनों में शामिल पर्थला चौक पर 6 लेन का नया अंडरपास बनाने की तैयारी है। बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए प्रस्तावित यह परियोजना एफएनजी कॉरिडोर को बेहतर कनेक्टिविटी देने के साथ नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और भविष्य में फरीदाबाद के बीच आवाजाही को आसान बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

पीक आवर्स में जाम से मिलेगी राहत

पर्थला चौक एफएनजी कॉरिडोर और विकास मार्ग के महत्वपूर्ण जंक्शन पर स्थित है। इस रास्ते से रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। सुबह और शाम के व्यस्त समय में यहां ट्रैफिक का दबाव बढ़ने से अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। प्रस्तावित अंडरपास का उद्देश्य चौराहे पर वाहनों के रुकने की जरूरत कम करना और एफएनजी कॉरिडोर पर यातायात को अधिक सुचारु बनाना है। परियोजना पूरी होने के बाद सेक्टर-66, सेक्टर-71, सेक्टर-121, सेक्टर-122, किसान चौक, छिजारसी और आसपास के इलाकों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।

6 लेन और करीब 710 मीटर लंबा होगा अंडरपास

प्रस्तावित अंडरपास में दोनों दिशाओं में तीन-तीन लेन होंगी। इसकी कुल लंबाई करीब 710 मीटर रखी गई है। प्रत्येक दिशा में लगभग 110 मीटर लंबा आरसीसी बॉक्स तैयार किया जाएगा। इसके अलावा करीब 20 मीटर का खुला हिस्सा और दोनों तरफ लगभग 280-280 मीटर लंबे एप्रोच रोड बनाए जाने का प्रस्ताव है। परियोजना की अनुमानित निर्माण लागत करीब 80 करोड़ रुपये बताई गई है, जबकि इसे पूरा करने के लिए लगभग 18 महीने की अवधि प्रस्तावित है।

बारिश में नहीं डूबेगा अंडरपास

अंडरपास निर्माण में सबसे बड़ी चुनौती बारिश के दौरान पानी भरने की होती है। इसे ध्यान में रखते हुए परियोजना में जलनिकासी की विशेष व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। इसके लिए दो सम्प और पर्याप्त पंपिंग सिस्टम लगाए जाएंगे, ताकि बारिश या रिसाव से जमा होने वाले पानी को तेजी से बाहर निकाला जा सके।

डायाफ्राम वॉल तकनीक से निर्माण

अंडरपास का निर्माण डायाफ्राम वॉल तकनीक और मौके पर आरसीसी निर्माण के जरिए किए जाने का प्रस्ताव है। इस तकनीक का उद्देश्य खुदाई के दौरान आसपास की जमीन और मौजूदा ढांचे की स्थिरता बनाए रखना है। निर्माण के दौरान आसपास के यातायात को कम से कम प्रभावित करने के लिए भी जरूरी इंतजाम किए जाने की बात कही गई है।

एफएनजी कॉरिडोर को मिलेगी नई रफ्तार

एफएनजी कॉरिडोर के जरिए नोएडा और ग्रेटर नोएडा के साथ गाजियाबाद, एनएच-9 और मेरठ एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी मजबूत होती है। भविष्य में फरीदाबाद से जुड़ने पर इस कॉरिडोर की उपयोगिता और बढ़ने की उम्मीद है। नोएडा प्राधिकरण के मुताबिक, अंडरपास बनने के बाद पर्थला चौक पर जाम कम होने, यात्रा समय बचने, यातायात संचालन सुगम होने और सड़क सुरक्षा में सुधार की उम्मीद है। तेजी से विकसित हो रहे नोएडा वेस्ट को देखते हुए यह परियोजना आने वाले वर्षों की बढ़ती ट्रैफिक जरूरतों के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

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